• कम टू द टॉप ऑफ द वर्ल्ड

    माउंट एवरेस्ट पर जाना हर पर्वतारोही का सपना होता है। हर साल सैकड़ों पर्वतारोही इसे फतेह करने की चाह लिए आते हैं। लेकिन कुछ ही ऐसा कर पाते हैं। दुनिया की सबसे ऊंची इस चोटी की ऊंचाई 8,848 मीटर है। पीक-15 के नाम से जाना जाता था। लेकिन ब्रितानी राज के वक्त भारत के ब्रिटिश सर्वेयर जनरल सर जॉर्ज एवरेस्ट [...]

    कम टू द टॉप ऑफ द वर्ल्ड
  • पांच कैंप हैं पनाहगाह

    एवरेस्ट फतेह करने से पहले पर्वतारोही बेस कैंप के अलावा चार पड़ाव और डालते हैं। Did you like this? Share it:Tweet

    पांच कैंप हैं पनाहगाह
  • नेपाल के शेरपाओं के बिना संभव नहीं फतेह

    नेपाल के शेरपा दुनिया के सबसे रफ एंड टफ लोगों में से एक हैं। पर्वतारोहियों को रास्ता दिखाने, बचाने और उनका सामान ढोने में शेरपाओं का कोई सानी नहीं है। वे पीढ़ियों से इस काम में लगे हैं। इन्हीं की बदौलत दुनियाभर के लोग एवरेस्ट फतेह कर पाते हैं। Did you like this? Share it:Tweet

    नेपाल के शेरपाओं के बिना संभव नहीं फतेह
  • किशोर, जवान और बूढ़े कोई पीछे नहीं

    चढ़ाई मार्गों की अच्छी समझ, सुविधाओं और ट्रेनिंग की बेहतर सुविधाओं ने एवरेस्ट को लगभग सभी के लिए सुलभ बनाया है। स्कूल-कॉलेज विद्यार्थी, युवा पर्वतारोही, यहां तक कि 64 साल के अमेरिकी शेरमन बुल (2001) एवरेस्ट पर फतेह पा चुके हैं। सीजन में तो यूं महसूस होता है जैसे पर्वतारोहियों की लाइन लगी हो। Did you like this? Share it:Tweet

    किशोर, जवान और बूढ़े कोई पीछे नहीं
  • अंतरिक्ष से यूं दिखती हैं हिमालयी चोटियां

    हिमालयी चोटियों के आकर्षण से कोई नहीं बच पाता। अंतरिक्ष से दिखाई देने पर हिमालय वाकई स्वर्गिक नजर आता है। Did you like this? Share it:Tweet

    अंतरिक्ष से यूं दिखती हैं हिमालयी चोटियां
  • खतरे भी हैं हजार

    एवरेस्ट पर चढ़ाई के रास्ते इतने खतरनाक हैं कि कई लोग हर साल फतेह के सपने लिए यहां पसरे खतरों के शिकार हो जाते हैं। गहरी हिम खाइयां, एवलांच (बर्फानी तूफान), फ्रॉस्ट बाइट और ऑक्सीजन की कमी जैसे खतरे यहां पग-पग पर हैं। अच्छी सेहत के साथ किस्मत भी अच्छी ही चाहिए। Did you like this? Share it:Tweet

    खतरे भी हैं हजार
  • चोटी फतेह यानी स्वर्ग जैसा आनंद

    एवरेस्ट पर चढ़ने की चाह में आया हर पर्वतारोही चोटी तक पहुंचना चाहता है। हालांकि सब ऐसा नहीं कर पाते। जो चोटी पर पहुंचने में कामयाब होते हैं वे इसे इंसानी जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं। ऐसा लगता है मानो वे पूरी दुनिया की धुरी हैं, चारों ओर धरती का अथाह विस्तार पसरा पड़ा है। Did you like [...]

    चोटी फतेह यानी स्वर्ग जैसा आनंद
  • कहां गई चहचहाहट

    एक अध्ययन के मुताबिक आधुनिक बिल्डिंग, पेस्टीसाड्स और मोबाइल टावर हैं चिड़िया की घटी तादाद के जिम्मेदार परिंदों पर रिसर्च के लिए मशहूर बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी (बीएनएचएस) के सिटीजन स्पेरो प्रोजेक्ट में चिड़ियों पर किए गए नए शोध ने इस बात पर मुहर लगा दी है कि देशभर में इनकी संख्या लगातार गिर रही है। 2005 से अब तक [...]

    कहां गई चहचहाहट
  • विस्फोटक टाइगर स्नान

    थाइलैंड के खाओ ख्यू खुले चिड़ियाघर में अपने गीले शरीर से पानी को हटाते हुए इस बाघ की तस्वीर को नेशनल जियोग्राफिक की सालाना फोटो प्रतियोगिता का विजेता चुना गया है। इस तस्वीर को लिया है एशले विनसेंट ने और इसका शीर्षक दिया है ‘एक्सप्लोजन’ यानी विस्फोट। Did you like this? Share it:Tweet

    विस्फोटक टाइगर स्नान
  • चांदनी में मैटरहॉर्न

    इस प्रतियोगिता में पेशेवर फोटोग्राफरों समेत कुल 22000 लोगों ने 150 देशों से तस्वीरें भेजी। तीन श्रेणियों में तस्वीरों को बांटा गया- इंसान, स्थान और प्रकृति। स्थानों की श्रेणी में पहला पुरस्कार मिला नेनांद सेलिक को। ये तस्वीर मैटरहॉर्न की एक चांदनी रात में खींची गई थी। Did you like this? Share it:Tweet

    चांदनी में मैटरहॉर्न

पर्वत एक्सक्लूसिव »

हिमयुग के जीव फिर विचरेंगे धरती पर!

हिमयुग के जीव फिर विचरेंगे धरती पर!

April 26, 2013 at 8:28 pm

धरती पर जानवरों की असंख्य प्रजातियां खत्म हो चुकी हैं। अब वैज्ञानिक लुप्त हो चुकी प्रजातियों को वापस लाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसका मतलब यह नहीं हुआ कि सिनेमाघरों में दिखाई जाने वाली फिल्म जुरासिक पार्क वास्तविकता में तब्दील...

आप कैसे हैं पहाड »

बादलों के घर में

बादलों के घर में

November 9, 2012 at 7:33 pm

दूसरे दिन शाम का कार्यक्रम असम राइफल्स के अफसरों  की तरफ से था जो रात खाने तक चला । सेना और अर्ध सैनिक बालों के अफसरों की दावत बहुत भव्य होती है  । वह शाम भी यादगार है ।लजीज व्यंजन और रात तक मित्रों की महफ़िल में मदिरा का दौर देर तक...

  • पौंग में लौटे विदेशी मेहमान
    पौंग में लौटे विदेशी मेहमान

    कांगड़ा। मौसम के बदलते मिजाज के साथ ही पौंग झील में विदेशी परिंदों ने दस्तक दे दी है। सुबह शाम पक्षियों की चहचहाहट से...

    November 20, 2011 at 12:10 am
  • सितारों से बात करती एक दूरबीन
    सितारों से बात करती एक दूरबीन

    नैनीताल। देवस्थल में स्थापित 1.3मीटर ऑप्टिकल टेलीस्कोप से कैद किए गए ओरियन नेब्यूला (निहारिका), एनजीसी598 गेलेक्सी तथा...

    November 19, 2011 at 11:41 pm
  • 42 सौ करोड़ में पहाड़ पर ट्रेन
    42 सौ करोड़ में पहाड़ पर ट्रेन

    हल्द्वानी: पूर्वोत्तर रेलवे पहाड़ पर ट्रेन चढ़ाने को तैयार है। रेल बजट की घोषणाओं के क्रम में टनकपुर-बागेश्वर व रामनगर-चौखुटिया...

    October 8, 2011 at 11:45 pm

पर्वतनामा »

पलायन से वीरान होते पहाड़

पलायन से वीरान होते पहाड़

October 18, 2011 at 10:48 pm

पहाड़ों से लगातार हो रहे पलायन से गांव के गांव बंजर हो रहे हैं, जो चिंता की बात है। पहाड़ को बचाने के लिए मजबूत नीतियां बनाकर समाज व सरकार को संगठित प्रयास करने होंगे। शिक्षा, स्वास्थ्य व बेरोजगारी जैसी बुनियादी समस्याओं के चलते पहाड़ों...

पर्वत-पुकार »

तालिबान के दुश्मन ड्रोन असम में गैंडों को बचाएंगे

तालिबान के दुश्मन ड्रोन असम में गैंडों को बचाएंगे

April 11, 2013 at 7:53 pm

पाक-अफगान सीमा पर तालिबान के दांत खट्टे करने वाले मानवरहित छोटे ड्रोन विमान अब असम में काजीरंगा के गैंडों की निगरानी करेंगे। अब शिकारी गैंडों का शिकार तो दूर काजीरंगा में फटकते भी पाए गए तो नेशनल पार्क के रेंजर उन्हें धर दबोचेंगे।...

  • बूढ़ा होता हिमालय
    बूढ़ा होता हिमालय

    गोपेश्वर। हिमालयी क्षेत्रों में निर्माणाधीन जल विद्युत परियोजनाओं का हिमालय पर असर पड़ रहा है। अक्सर देखा जा रहा...

    November 20, 2011 at 12:21 am
  • घट रही बर्फ से बंजर होता ऊं पर्वत
    घट रही बर्फ से बंजर होता ऊं पर्वत

    धारचूला दुनिया भर के पर्यटकों में अपनी खास पहचान रखने वाला ऊं पर्वत(छोटा कैलाश)अपनी नैसर्गिक सुंदरता खो रहा है। लगातार...

    October 18, 2011 at 10:36 pm
  • अलकनंदा: निर्जल हुई नदी
    अलकनंदा: निर्जल हुई नदी

    गोपेश्वर, एक तरफ अपनों के खोने गम तो दूसरी तरफ उसके शवदाह की चिंता। घंटो इंतजारी के बाद संदेशा आता है कि नदी में कुछ समय...

    October 8, 2011 at 11:56 pm

पहाड़गाथा »

धसक रहें है टिहरी के गाँव

धसक रहें है टिहरी के गाँव

November 11, 2012 at 10:25 pm

नई टिहरी। इस बार उतरांचल में हुई जोरदार बारिश ने जो तबाही मचाई वह सामने आ चुकी है पर जो तबाही आने वाली उसका किसी को अंदाजा नही है । भगीरथी – भिलांगना नदी पर बने टिहरी बांध की वजह से बनी झील के आसपास के गाँव धसकने लगे है । इनकी संख्या एक...

  • आस्था पर बेअसर ठिठुरन
    आस्था पर बेअसर ठिठुरन

    देवभूमि के पहाड़ी इलाकों में सर्द हवाओं ने भले ही ठिठुरन बढ़ा दी हो, लेकिन पवित्र मठ-मंदिरों में श्रद्धालुओं की आस्था...

    October 9, 2011 at 12:09 am
  • भारत की आखिरी चाय की दुकान
    भारत की आखिरी चाय की दुकान

    उत्तराखंड के चमोली जिले में चीन की सीमा से लगे देश के अंतिम गाँव माणा में चाय की एक छोटी-सी दुकान बद्रीनाथ की यात्रा...

    June 10, 2011 at 7:40 pm
  • एवरेस्ट के पास भी है एक बेकरी
    एवरेस्ट के पास भी है एक बेकरी

    दुनिया की सबसे ऊंची चोटी यानी एवरेस्ट के आधार शिविर के पास लगे सैकड़ों अस्थायी तंबुओं में से एक में बेकरी चल रही है....

    June 9, 2011 at 11:56 pm

पहाडी ब्‍लॉग »

गैरसैंण जिला बनाने को आर-पार की लड़ाई

गैरसैंण जिला बनाने को आर-पार की लड़ाई

October 9, 2011 at 12:31 am

हालिया दिनों में प्रदेश में चार नये जिलों की घोषणा के बाद अब गैरसैंण को जिला बनाने की मांग को लेकर क्षेत्रवासी मुखर होने लगे हैं। जिले की मांग को लेकर एक ओर जहां सत्तारूढ़ भाजपा सरकार की मंडल ईकाई गैरसैंण ने 15 सितंबर तक गैरसैंण को जिला...

  • इस समस्या को जमीन पर सुलझायें
    इस समस्या को जमीन पर सुलझायें

    बीते दस साल पर्यावरण के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण रहे। इन सालों में पर्यावरण को हो रहे नुकसान और संरक्षण को लेकर कई...

    June 9, 2011 at 11:49 pm
  • तिब्बत से ‘ग़ायब’ भिक्षुओं पर सवाल

    चीन ने संयुक्त राष्ट्र के इन दावों का खंडन किया है कि एक तिब्बती मठ से करीब 300 भिक्षुओं को शायद पिछले तीन महीनों से ग़ैर...

    June 9, 2011 at 11:42 pm
  • ब्लॉग पर पहाड़, पहाड़ पर ब्लॉग
    ब्लॉग पर पहाड़, पहाड़ पर ब्लॉग

    ब्लॉग की दुनिया से पहाड़ अछूते नहीं रहे, बल्कि अब बहुत से ऐसे हिंदी ब्लॉग सामने आ रहे हैं, जो अपने-अपने अंदाज में पहाड़...

    June 5, 2011 at 5:08 pm

बादल-बारिश-बर्फ »

मौसम के मिजाज से किसान चिंतित

मौसम के मिजाज से किसान चिंतित

November 20, 2011 at 12:38 am

नैनीताल: इन दिनों मौसम के बदलते मिजाज व वर्षा नहीं होने से रबी फसल की बुआई प्रभावित हो रही है। इसके अलावा उपराऊ क्षेत्रों में पाले से जबर्दस्त नुकसान होने की संभावना बनी हुई है। खासतौर पर मटर, लाई, पालक व आलू जैसी नगदी फसल प्रभावित हो...

  • गर्मी में बिछी बर्फ की चादर
    गर्मी में बिछी बर्फ की चादर

    देश के कुछ हिस्से जहां अभी भी चिलचिलाती गर्मी में झुलस रहे हैं वही दूसरी तरफ  बदरीनाथ, केदानाथ और यमुनोत्री समेत उत्तराखंड...

    June 6, 2011 at 12:59 am
  • बारिश से मौसम हुआ सुहाना
    बारिश से मौसम हुआ सुहाना

    बारिश और ऊंची चोटियों पर हिमपात से उत्तराखंड के तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को चिलचिलाती गर्मी से थोड़ी राहत...

    June 6, 2011 at 12:45 am
  • हिमाचल में 25 जून तक दस्तक देगा मानसून
    हिमाचल में 25 जून तक दस्तक देगा मानसून

    एजेंसी. शिमला. इस बार जून में लोगों को गर्मी से ज्यादा परेशान नहीं होना पड़ेगा। पहली जून को हुई प्री-मानसून की फुहारों...

    June 5, 2011 at 7:29 pm