लगातार तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री बने मोदी, इनको मिली मंत्रिमंडल में जगह

 पीटीआई। लोकसभा चुनाव में राजग की जीत के बाद नरेन्द्र मोदी ने रविवार को लगातार तीसरी बार भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। देश की आजादी के बाद मोदी पहले ऐसे गैर कांग्रेसी राजनेता हैं, जो लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं। मंत्रिमंडल में प्रधानमंत्री के अलावा 30 कैबिनेट, सात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 34 राज्यमंत्रियों ने शपथ ली है। मंत्रिमंडल में सामाजिक संतुलन का भी ध्यान रखा गया है।

पीएम मोदी के यह रहे खास मेहमान

ओबीसी समुदाय के 27, अनुसूचित जाति के 10, अनुसूचित जनजाति के पांच और अल्पसंख्यक समुदाय के पांच मंत्री बनाए गए हैं। कैबिनेट में नौ नए चेहरों को जगह मिली है। शपथ ग्रहण समारोह में भारत के पड़ोसी, हिंद महासागर क्षेत्र के सात नेता शामिल हुए। देश की कई बड़ी हस्तियां भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में मोदी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। उन्होंने ईश्वर के नाम पर शपथ ली। इसके साथ ही उन्होंने लगातार तीन बार प्रधानमंत्री बनने के देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के रिकार्ड की बराबरी कर ली।

मोदी के साथ इन मंत्रियों ने भी ली शपथ 

मोदी के साथ, वरिष्ठ भाजपा नेता राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, शिवराज चौहान, निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल और एस जयशंकर ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली, जो प्रधानमंत्री द्वारा निरंतरता और अनुभव पर जोर देने का संकेत है। ये सभी नेता मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में भी वरिष्ठ पदों पर थे। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा पांच साल बाद कैबिनेट में लौट आए। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज ¨सह चौहान और हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल मोदी कैबिनेट में नए चेहरे हैं।

कैबिनेट मंत्रियों और राज्य मंत्रियों की लिस्ट

आरएसएस प्रचारक से केंद्रीय मंत्री बने मनोहर लाल ने नई पारी शुरू की है। भाजपा नेता पीयूष गोयल, ज्योतिरादित्य सिंधिया, धर्मेंद्र प्रधान और भूपेंद्र यादव को मंत्रिमंडल में बरकरार रखा गया है। असम के पूर्व सीएम सर्बानंद सोनोवाल, अश्विनी वैष्णव, वीरेंद्र कुमार, प्रल्हाद जोशी, गिरिराज सिंह और जुएल ओरांव मंत्री के रूप में शपथ लेने वालों में शामिल थे। कोरोना महामारी के दौरान दिलेरी से काम करने का पुरस्कार मनसुख मांडविया को मिला है। उन्हें दोबारा कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। दो बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे कुमारस्वामी को भी कैबिनेट में जगह मिली है।

चिराग पासवान का नाम भी शामिल 

इसी तरह बिहार के मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी को भी कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। राजग के घटक दल रालोद के प्रमुख और राज्यसभा सदस्य जयंत चौधरी ने राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। जयंत चौधरी पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पौत्र हैं। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने पिता रामविलास पासवान के ‘असली’ राजनीतिक उत्तराधिकारी के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। रविवार को सबको चौंकाते हुए चिराग को नरेन्द्र मोदी सरकार में शामिल किया गया।

नई पारी शुरू कर रहे चिराग

खुद को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘हनुमान’ बताने वाले चिराग केंद्र में अब मंत्री के रूप में अपनी नई पारी शुरू करने जा रहे हैं। नई संसद के निर्माण को आगे बढ़ाने और भारत को दो तेल संकटों से निकालने में अपनी कूटनीतिक सूझबूझ का परिचय देने वाले पूर्व राजनयिक हरदीप सिंह पुरी को अपने मंत्रालयों में घोटाला-मुक्त कार्यकाल के लिए पुरस्कृत किया गया है। पिछली सरकार में आवास एवं शहरी मामलों तथा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री रहे पुरी को भी मंत्रिमंडल में जगह दी गई है।

कैबिनेट मंत्रियों की सूची

राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, जेपी नड्डा, शिवराज सिंह चौहान, निर्मला सीतारमण, एस जयशंकर, मनोहर लाल, एचडी कुमारस्वामी, पीयूष गोयल,धर्मेन्द्र प्रधान, जीतन राम मांझी, ललन सिंह, सर्बानंद सोनोवाल,वीरेन्द्र कुमार, राम मोहन नायडू, प्रल्हाद जोशी,जुएल ओरांव, गिरिराज सिंह, अश्विनी वैष्णव, ज्योतिरादित्य सिंधिया, भूपेन्द्र यादव, गजेंद्र सिंह शेखावत, अन्नपूर्णा देवी, किरण रिजिजू, हरदीप सिंह पुरी, मनसुख मांडविया, जी किशन रेड्डी, चिराग पासवान, सीआर पाटिल।

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