रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने “अग्निपथ योजना” का किया ऐलान, अब 4 साल के लिए युवाओं को सेना में सेवा देने का मिलेगा मौका

मंगलवार को भारत सरकार द्वारा नौसेना,थलसेना, वायु सेना में युवाओं की भर्ती के लिए अग्निपथ योजना का ऐलान किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीनों सेना प्रमुखों के साथ बैठक करने के बाद अग्निपथ योजना की घोषणा की। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ये योजना देश के युवाओं को आर्मी से जोड़ेगा। साथ ही अग्निवीर सेवा के दौरान युवाओं को एस्पेशल और स्किल्ड ट्रेंनिग दी जाएगी जो युवाओं के लिए रोजगार के कई अवसर खोलेंगी। उन्होंने कहा कि अग्निपथ स्किम का उद्देश्य सीधे तौर पर युवाओं को इंडियन आर्म्ड फोर्सेज से जोड़ना है।

अग्निपथ स्‍कीम में किसको मिलेगी वरीयता

-इस योजना के तहत सेना में भर्ती होने के लिए आईआईटी और अन्य प्रोफेशनल स्ट्रीम के युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

-अग्निवीर में चयनित युवाओं को कठोर ट्रेनिंग देने के बाद , उनकी पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में दी जाएगी।

-ये अग्निशामक आतंकवादी गतिविधियों से निपटने, खुफिया जानकारी जुटाने के साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी जैसे काम भी करेंगे।

-योजना के अनुसार, तीनों सैन्य विंग युवाओं को तीन साल की सेवा के लिए भर्ती करेंगे, जिन्हें अग्निवीर के रूप में जाना जाएगा।

-इससे जहां एक ओर सैन्य सेवा की आयु कम होगी ,वहीं दूसरी तरफ सरकार को पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभों के वित्तीय बोझ से छुटकारा भी मिलेगा।

अग्निवीर बनने के लिए ये जरूरी


अग्निपथ योजना में सेवा देने के लिए युवाओं की आयु 17 साल 6 महीने से 21 महीने के बीच होनी चाहिए। साथ ही युवाओं को ट्रेनिंग पीरियड को जोड़कर मात्र 4 सालों के लिए ही आर्म्ड सर्विसेज में सेवा देने का मौका मिलेगा। और भर्ती प्रक्रिया सेना के तय नियमानुसार ही होगी।

एनुअल पैकेज होगा इतना


सरकार ने अग्निवीरों का लिए एक फिक्स सेवा निधि की भी घोषणा की है। जिसके अंतर्गत सेवा के पहले साल युवाओं को 30 हजार रुपये मासिक आय प्राप्त होगी। अगर ईपीएफ और पीपीएफ की बात करें तो सरकार द्वारा अग्निवीर को पहले साल 4.76 लाख रुपये मिलेंगे। जबकि चौथे साल तक इनका वेतन 40 हजार रुपये यानी सालाना 6.92 लाख रुपये हो जाएगा।

अग्निपथ भर्ती योजना की विशेषताएँ

इस योजना की विशेष बात ये है कि सेनाओं के पास यह विकल्प उपलब्ध होगा, जिसके तहत वे कुछ अग्निवीरों को स्थायी तौर पर सेवा में शामिल कर सकते हैं। सेनाएं अपने 3 वर्षों के दौरान अग्निवीरों के द्वारा किए गए कार्यों के आधार पर निर्णय ले सकेगी। आर्मी से रिटायर होने के बाद इनके लिए कॉरपोरेट सेक्टर में भी जॉब करने का विकल्प खुला रहेगा।

– इस योजना के तहत, युवाओं को उनकी सेवा के पहले तीन वर्षों के लिए भारतीय सेना में शामिल किया जाएगा। – उसके बाद, भारतीय वायु सेना और भारतीय नौसेना के लिए भर्ती शुरू होगी। – यह कार्यक्रम बच्चों को प्रशिक्षित करने के लिए उत्तम साबित होगा। – इसे स्किम से भारतीय सेना में जवानों की कमी को पूरा करने में मदद मिलेगी। – सुरक्षा सेवाओं में पद की इच्छा रखने वाले लोग भी अब सेना में शामिल हो सकेंगे।

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