खुफिया एजेंसियों ने किया खुलासा, छात्र संगठन, वामपंथी विचारधारा के लोग विरोध में ज्यादा सक्रिय

अग्निपथ योजना के विरोध को लेकर उत्तराखंड खुफिया एजेंसियों ने एक बड़ा खुलासा किया है। जिसके हिसाब से उत्तराखंड में विरोध प्रदर्शन में वामपंथी विचारधारा से प्रभावित लोगों की सक्रियता अधिक रही है। इसके अलावा प्रदेश में सितंबर माह में प्रस्तावित छात्र संघ चुनाव के मद्देनजर छात्र नेता छात्रों का विरोध प्रदर्शन में नेतृत्व भी कर रहे थे।

केंद्र सरकार की सेना भर्ती योजना की घोषणा होते ही देश के अन्य राज्यों की तरह अग्निपथ योजना का उत्तराखंड के कुछ जिलों में भी युवाओं द्वारा विरोध किया गया। विरोध प्रदर्शन के मूल कारण का पता लगाने के लिए राज्य सरकार खुफिया एजेंसियां बारीकी से हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है। जिसके चलते खुफिया एजेंसियों ने एक रिपोर्ट तैयार की है। जिसके हिसाब से उत्तराखंड में अग्निपथ योजना के विरोध में प्रदर्शन करने वाले ज्यादातर लोग वामपंथी विचारधारा से प्रेरित थे। साथ ही सितंबर में प्रस्तावित छात्रसंघ चुनाव के कारण छात्र संगठन के नेता विरोध प्रदर्शन में नेतृत्व करते दिखे। इसके अलावा विपक्षी पार्टियों के द्वारा भी युवाओं को समर्थन दिया जा रहा है।

युवाओं की भ्रांतियां, पुलिस करेगी दूर

जिसके लिए अब अग्निपथ योजना को लेकर युवाओं में फैली भ्रांतियां को दूर करने के लिए पुलिस खुद जाकर युवाओं को समझाएगी। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों की पुलिस को निर्देश दिए हैं कि सभी कोचिंग इंस्टीट्यूट और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर युवाओं के सही स्थिति से अवगत कराया जाए।

उत्तराखंड में अग्निपथ विरोध ने नहीं लिया उग्र रूप

मोदी सरकार की अग्निपथ योजना की घोषणा के बाद से देश भर में युवाओं द्वारा सड़कों में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। उत्तराखंड भी अग्निपथ योजना को लेकर देहरादून , पिथौरागढ़, चमोली,हल्द्वानी जिलों में युवाओं ने प्रदर्शन किया। लेकिन अन्य राज्यों की तरह उत्तराखंड में अग्निपथ स्किम के खिलाफ चल रहे इस आंदोलन ने उग्र रूप नही लिया।

युवाओं से शांति व्यवस्था बनाये रखने की अपील

पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने बताया कि सभी युवाओं से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई है। इन्हें समझाने के लिए सामाजिक संगठन और कोचिंग इंस्टीट्यूट की भी मदद ली जाएगी। पुलिस द्वारा युवाओं से अपील की गई है कि प्रदर्शन करना भी है तो शांतिपूर्ण तरीके से करें। इसके अलावा युवाओं को समझने के लिए पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

 

 

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