सीएम धामी ने खटीमा और उधमसिंह नगर बाईपास का किया लोकार्पण

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को पहेनिया बाईपास, खटीमा, उधम सिंह नगर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान सीएम ने 30606.75 लाख रुपए की 26 योजनाओं का लोकार्पण किया। जिसमें नवनिर्मित गदरपुर बाईपास एवं नवनिर्मित खटीमा बाईपास का लोकार्पण भी शामिल है। इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभा को संबोधित किया।

आपको बता दें कि लोकार्पित किये गये 4-लेन गदरपुर बाईपास की लम्बाई 8.8 किमी और लागत 170 करोङ रूपये है। जबकि खटीमा बाईपास 2-लेन विद पेव्ड शोल्डर है। जिसकी लम्बाई 8.2 किमी और लागत 95 करोङ रूपये है।

5 जनवरी 2023 गुरुवार को 26 योजनाओं का लोकार्पण किया। सभा को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बाईपास के लोकार्पण के साथ खटीमा एवं गदरपुर क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है। स्थानीय जनता को दोनों बाईपास बनने से लाभ मिलेगा। साथ ही खटीमा एवं गदरपुर को जाम से भी निजात मिलेगी। खटीमा बाईपास के दौरान कई बाधाओं का सामना करना पड़ा परंतु सभी क्षेत्रवासियों ने एकता दिखाकर, जिला प्रशासन एवं एन.एच के सहयोग से समस्याओं का समाधान किया। उन्होंने कहा जल्द ही टनकपुर से सितारगंज एवं पीलीभीत से खटीमा हेतु 4 लेन सड़क पर भी कार्य किया जाएगा। यह मार्ग कैलाश मानसरोवर का भी एक अहम पड़ाव है आने वाले दिनों में कैलाश मानसरोवर की यात्रा इन्हीं मार्गो से की जाएगी। भारत एवं नेपाल सरकार संयुक्त रूप से दोनों देशों को जोड़ने हेतु सड़क का निर्माण करवा रही है जिससे दोनों देशों के बीच में रोटी बेटी का रिश्ता और ज्यादा मजबूत होगा।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। जिसके फलस्वरूप केदारनाथ की एवं हेमकुंड साहिब को रोपवे से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि भारत सरकार के पर्वतमाला योजना का अधिकाधिक लाभ हमारे राज्य को मिले। उधम सिंह नगर जिले के किच्छा क्षेत्र में एम्स बनने जा रहा है। राज्य सरकार वन डिस्टिक टू प्रोडक्ट योजना पर भी तेज गति के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत द्वारा अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर जो भी प्रस्ताव रखे जाते हैं, उन पर गम्भीरता से फैसले भी लिये जाते हैं। उन्होंने कहा कि भारत इस वर्ष जी- 20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहा है। यह देश के लिए ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ को बढ़ावा देने का अच्छा अवसर है। जी-20 की 02 महत्वपूर्ण बैठकें उत्तराखण्ड में भी प्रस्तावित हैं। भारत के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2023 को अन्तरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष भी घोषित किया है। इससे हमारे मोटे अनाजों को तेजी से बढ़ावा मिलेगा। भारत सरकार द्वारा मण्डुवा को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क्रय करने की स्वीकृति प्रदान करने पर उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का आभार व्यक्त किया।

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