क्या आप भी एनएच और स्टेट हाईवे के किनारे बनाना चाहते हैं भवन? तो जानिए ये बात…

यदि आप एनएच और स्टेट हाईवे के किनारे अपने सपनो का महल बनाने की सोच रहे हैं तो ये खबर आपके लिए है। मंगलवार को उत्तराखंड की धामी सरकार ने सचिवालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया कि अब नेशनल हाईवे एवं स्टेट हाईवे के किनारे भवन निर्माण के लिए घर का नक्शा बनना अनिवार्य है। आपको बता दें कि सरकार ने चिन्हित मार्ग के किनारे 50 से 100 मीटर तक के दायरे में बनाये जाने वाले भवन निर्माण के लिए मानचित्र बनाना अनिवार्य है।

दरअसल राष्ट्रीय राजमार्ग एवं राजकीय राजमार्ग तथा समस्त स्थानीय निकाय चिन्हित मार्गों के दोनों किनारों पर पर्वतीय क्षेत्रों में 50 मीटर एवं मैदानी क्षेत्रों में 100 मीटर की हवाई दूरी तक के सभी प्रकार के निर्माणों के लिए कैबिनेट ने मानचित्रों की अनिवार्यता तो स्वीकृति दे दी है।

इस चिन्हित क्षेत्र से बाहर, एकल आवासीय निर्माण जिनका भूखण्ड क्षेत्रफल 250 वर्गमीटर तक हो तथा अधिकतम ऊंचाई 9.00 मीटर तक हो तथा समस्त गैर एकल आवासीय निर्माण जिनका भूखण्ड क्षेत्रफल 50 वर्गमीटर तक एवं ऊंचाई 6.00 मीटर तक हो, मानचित्र स्वीकृत स्वप्रमाणन / शपथ पत्र के द्वारा किये जायेंगे। एम०डी०आर०/ ओ०डी०आर० मार्ग, चिन्हित मार्गों के Right of Way के दोनों किनारों से मार्ग के दोनों ओर पर्वतीय क्षेत्रों मे 50 मीटर एवं ।

प्राधिकरण को प्राप्त होने वाले शुल्क यथा उप विभाजन शुल्क, विकास शुल्क, पर्यवेक्षण शुल्क इत्यादि पर वर्तमान दरों के सापेक्ष 50 प्रतिशत की छूट प्रदान किये जाने की स्वीकृति।

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