जैव विविधता के क्षेत्र में हमें व्यवहारिकता की आवश्यकता- कृषि मंत्री  

उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी  की अध्यक्षता में जैव विविधता बोर्ड की समीक्षा बैठक हुई जिसमें तमाम अधिकारी मौजूद रहे इस दौरान मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि जैव विविधता के क्षेत्र में हमें व्यवहारिकता की आवश्यकता है जिसमें संकटापन्न प्रजातियों को बचाने के साथ हर्बल फार्मिंग को बढ़ावा देकर किसानों की आजीविका को बढ़ाने का कार्य किया जाना चाहिए।

हर्बल फॉर्मिंग को बढ़ावा देने पर दिया जोर

देहरादून में विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में वन मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड जैव विविधता बोर्ड कि समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि जैव विविधता के क्षेत्र में हमें व्यवहारिकता की आवश्यकता है। जिसमें संकटापन्न प्रजातियों को बचाने के साथ-साथ हर्बल फॉर्मिंग को बढ़ावा देकर किसानों की आजीविका बढ़ाने के साथ-साथ जड़ी-बूटियों को संरक्षित व संवर्धित करने का कार्य किया जाए। 

जैव विविधता संरक्षण के लिए लगभग 7991 समितियां बनीं हैं

उन्होंने कहा कि आए दिन जंगली जानवर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जिसके बचाव के लिए फेंसिंग की सुविधा और किसानों को स्ट्रीट लाईट व ग्रॉस कटर उपलब्ध कराया जाए। यही नहीं उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए की सीड्स व हर्बल नर्सरी को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने कहा कि वन पंचायतों के माध्यम से जनमानस को आजीविका से जोड़ने का कार्य किया जाए। मीडिया से बात करते हुए मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य में जैव विविधता संरक्षण के लिए लगभग 7991 समितियां बनीं हैं। जिसमें लगभग 1620 समितियों का ही जैव विविधता रजिस्टर तैयार किया गया है। उन्होंने वन दारोगा और फारेस्ट गार्ड को साथ लेकर अन्य समितियों का भी जैव विविधता रजिस्टर तैयार करने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए है।

 

 

 

 

 

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