‘विश्वकर्मा जयंती’ के अवसर पर PM नरेंद्र मोदी ने की ‘पीएम विश्वकर्मा’ योजना की शुरुआत

पीटीआई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘विश्वकर्मा जयंती’ के अवसर पर ‘पीएम विश्वकर्मा’ योजना की शुरुआत की। इस योजना के तहत पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों को बिना गारंटी के न्यूनतम ब्याज दर पर ऋण सहायता प्रदान की जाएगी।

कम दरों पर मिलेगा ब्याज

पांच वर्षों की अवधि के लिए 13,000 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ, इस योजना से बुनकरों, सुनारों, लोहारों, कपड़े धोने वाले श्रमिकों और नाई सहित पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लगभग 30 लाख परिवारों को लाभ होगा।

योजना का लक्ष्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों द्वारा पेश किए जाने वाले उत्पादों और सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता को बढ़ाना है। यह योजना 1 लाख रुपये (18 महीने के पुनर्भुगतान के लिए पहली किश्त) और 2 लाख रुपये (30 महीने के पुनर्भुगतान के लिए दूसरी किश्त) के संपार्श्विक-मुक्त उद्यम विकास ऋण प्रदान करती है।

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केंद्र सरकार वहन करेगी क्रेडिट गारंटी शुल्क

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय की ओर से दी जाने वाली 8 प्रतिशत की ब्याज छूट सीमा के साथ लाभार्थी से 5 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर ली जाएगी। क्रेडिट गारंटी शुल्क केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। इस योजना में एक प्रमाण पत्र और आईडी कार्ड के माध्यम से विश्वकर्मा के रूप में मान्यता और 5-7 दिनों के बुनियादी प्रशिक्षण के बाद कौशल सत्यापन जैसे लाभ भी शामिल हैं। इच्छुक उम्मीदवार 15 दिनों के उन्नत ट्रेनिंग के लिए भी नामांकन कर सकते हैं और प्रतिदिन उन्हें 500 रुपये का स्टाइपेंड दिया जाएगा।

डिजिटल लेनदेन पर मिलेगा लाभ

इसके अलावा, टूलकिट प्रोत्साहन के रूप में 15,000 रुपये का अनुदान और डिजिटल लेनदेन के लिए मासिक 100 लेनदेन तक प्रति लेनदेन पर 1 रुपये का प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। विपणन राष्ट्रीय समिति (एनसीएम) की ओर से गुणवत्ता प्रमाणन, ब्रांडिंग और प्रचार, ई-कॉमर्स लिंकेज, व्यापार मेलों के विज्ञापन, प्रचार और अन्य विपणन गतिविधियों जैसी सेवाएं प्रदान करेगी।

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