आपके दिमाग में हलचल मचाने वाली दिलचस्प खबर का विश्लेषण

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यादें किसी भी व्यक्ति के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होती हैं। अच्छी यादों के साथ हर कोई जीना चाहता है। लेकिन बुरी यादें अक्सर लोगों को परेशान करती हैं और लोग उससे छुटकारा पाना चाहते हैं। मुझे विश्वास है कि आपके जीवन में भी कई ऐसी बुरी यादें होंगी जिन्हें आप आज तक भुला नहीं पाए होंगें। कई यादें इतनी पीड़ादायक होती हैं कि उनके साथ जीना बहुत मुश्किल होता है। लेकिन अब वैज्ञानिकों ने ऐसी तकनीक खोज ली है, जिसकी मदद से आपके दिमाग में Store हो चुकीं बुरी यादों को चुन-चुनकर डिलीट किया जा सकता है, यानी हमेशा के लिए मिटाया जा सकता है।

वैज्ञानिकों ने चूहों में डर से जुड़ी बुरी यादों को मिटाने में कामयाबी हासिल की है। ये रिसर्च कनाडा के वैज्ञानिक कर रहे हैं और इन वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इस तकनीक की मदद से Post-Traumatic Stress Disorder के शिकार मरीज़ों और नशे के आदी लोगों का इलाज किया जा सकता है। University of Toronto के शोधकर्ताओं ने पता लगाया है कि दिमाग में मौजूद कुछ Neurons ऐसे होते हैं जो डर से जुड़ी बुरी यादों के लिए जिम्मेदार हैं।

वैज्ञानिकों के मुताबिक दिमाग में एक विशेष तरह के प्रोटीन का उत्पादन करके इन Neurons को रोका जा सकता है। अगर डर और बुरी यादें पैदा करने वाले Neurons को नाकाम कर दिया जाए तो फिर दिमाग में मौजूद बुरी यादों को मिटाया जा सकता है। अच्छी बात ये है कि इस तकनीक की मदद से सिर्फ चुनिंदा यादों को ही हटाया जाता है बाकी यादों पर इसका कोई असर नहीं पड़ता।

इस प्रयोग को साबित करने के लिए वैज्ञानिकों ने पहले कुछ चूहों को cocaine की आदत लगवाई और फिर चूहों के दिमाग से उन यादों को हटा दिया जो नशे की लत के लिए जिम्मेदार थीं, इसके बाद चूहों को लगी cocaine की ये लत छूट गई। कुछ महीने पहले विज्ञान पर आधारित एक American Tv Series  NOVA में Memory Hackers नामक एक एपिसोड दिखाया गया था। इस एपिसोड में वैज्ञानिकों ने साबित किया था कि ना सिर्फ किसी व्यक्ति के दिमाग से चुनिंदा यादों को हटाया जा सकता है बल्कि कुछ खास किस्म की यादों को Implant भी किया जा सकता है।

इस एपिसोड में 3 कहानियां दिखाई गई थीं। पहली कहानी 11 वर्ष के बच्चे Jack की थी Jack को 8 वर्ष की उम्र से अब तक की एक-एक बात याद है। JAck को एक-एक दिन और एक-एक घंटे की सभी बातें याद है यानी Jack का दिमाग किसी कंप्यूटर की तरह चलता है। लेकिन समस्या ये है कि JAck को, वो बुरी यादें भी अच्छी तरह याद है। जिनसे उसका बचपन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

इसी तरह Amsterdam यूनिवर्सिटी में उन लोगों पर प्रयोग किए गए। जो मकड़ियों से डरते हैं। इन लोगों को एक खास तरह की दवाई दी गई। जिसकी मदद से इनके दिमाग से मकड़ियों का डर निकाल दिया गया। इसके अलावा London की South Bank University में भी एक प्रयोग किया गया। इस प्रयोग के दौरान psychology की professor जूलिया shaw ने कुछ लोगों के मन में विशेष तरह की यादें Implant कर दी। इस प्रयोग में शामिल लोगों को ये विश्वास दिलाया गया कि उन्होंने कोई ना कोई अपराध किया है। जबकि असलियत में इनमें से किसी ने कभी कोई अपराध नहीं किया था।

वैज्ञानिक एक ना एक दिन दिमाग में मन मुताबिक बदलाव कर पाएंगे लेकिन इसके अपने खतरे भी हैं। कई बार बुरी यादें ज़रूरी होती है क्योंकि इनकी वजह से लोग गलतियां नहीं दोहराते है। बुरी यादें कई बार प्रेरणा भी बन जाती हैं। इसलिए दिमाग से यादें मिटाने वाले प्रयोगों पर सैद्धांतिक बहस भी हो रही है। ये डर भी जताया जा रहा है कि लोग छोटी-छोटी बुरी यादों को भी मिटाने की कोशिश कर सकते हैं या फिर इस तकनीक का इस्तेमाल करके लोगों से अपराध कराए जा सकते हैं।

हॉलीवुड की कई Science Fiction फिल्मों- जैसे  Inception, Total Recall, और Eternal Sunshine of the Spotless Mind में ऐसी कहानियां दिखाई गई हैं, जिनमें लोगों की यादों से छेड़छाड़ की जाती है। लेकिन अब ये प्रयोग हकीकत बन रहे हैं। वैज्ञानिक, अपनी Labs में ऐसे चमत्कारों की पटकथा लिख रहे हैं। लेकिन इसके अपने खतरे भी हैं। ये प्रयोग ठीक वैसे ही हैं। जैसे आप अपने Mobile Phones और Computers के Hang होने पर। उसकी Memory से, गैरज़रूरी चीज़ें Delete कर देते हैं।

हिंदी फिल्मों में भी शायद सबसे ज्यादा गीत यादों से ही जुड़े हुए हैं। शेरो-शायरी में भी यादों का खूब इस्तेमाल किया जाता है। यादें कुदरती तौर पर बनती औऱ मिटती रहती हैं लेकिन अब यादों को Labs में बनाया जा सकेगा और मिटाया जा सकेगा। हो सकता है कि आने वाले दिनों में आप कुछ अच्छी यादों को Online Order कर पाएं, और बुरी यादें मिटाने के लिए आप किसी Call Center पर कॉल करें और फिर वहां से कुछ लोग आपके घर आकर आपके दिमाग से बुरी यादें मिटा दें और आपके दिमाग की सफाई कर दें। भविष्य की ये दुनिया बहुत दिलचस्प होगी इसलिए हमनें इन प्रयोगों से जुड़ी संभावनाओं और आशंकाओं पर दिमाग लगाकर एक विश्लेषण तैयार किया है। जिसे आपको भी खुले दिमाग से देखना चाहिए, ये खबर आपको बीच-बीच में फिल्म देखने जैसा एहसास करा सकती है। लेकिन फिल्म में अक्सर तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की जाती है जबकि DNA में हम सिर्फ तथ्य दिखाते हैं और ये बात हमारी टीम कभी नहीं भूलती है।

इंसान की पहचान उसकी यादों से होती है और वो खुद को वही मानता है जो उसकी यादें उसे बताती हैं। लेकिन हम आपको इंसानी याद्दाश्त से जुड़ी कुछ ऐसी  रोचक जानकारियां देना चाहते हैं जो आप याद रखना चाहेंगे और इन्हें अपने दोस्तों और परिवार के साथ Share भी करेंगे। अलग-अलग रिसर्च में दावा किया गया है कि जब महिलाएं किसी भारी आवाज़ वाले पुरुष को सुनती हैं तो उनकी याद्दाश्त मज़बूत होती है। यानी अगर कोई भारी आवाज़ वाला पुरुष किसी महिला से कोई बात कहे तो वो उसे ज्यादा देर तक याद रहती है। लेकिन पुरुषों की याद्दाश्त पर महिलाओं की आवाज़ का कोई असर नहीं पड़ता है फिर चाहे ये आवाज़ भारी हो या पतली।

वैज्ञानिक ऐसा मानते हैं कि अगर आप किसी से बात करते हुए, दूसरी तरफ देखने लगते हैं तो आपको उस व्यक्ति की बातें याद रहती हैं। यानी जो छात्र कक्षा में शिक्षक की तरफ ना देखकर कहीं और देख रहे होते हैं उन्हें शिक्षक की बातें ज़्यादा याद रहती हैं। एक रिसर्च के मुताबिक 7 अंकों का कोड या फोन नंबर याद करना काफी आसान होता है ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हमारी Short Term Memory में एक साथ ज्यादा से ज्यादा 7 यादें ही स्टोर हो पाती हैं। 2001 में हुए एक रिसर्च के मुताबिक अपने बाएं हाथ यानी Left Hand का इस्तेमाल करने वाले लोगों की याद्दाश्त ज्यादा तेज़ होती है। एक रिसर्च के मुताबिक बच्चे के दिमाग में यादें तभी से बनने लगती है। जब वो गर्भ में होता है। इंसान के दिमाग की Storage क्षमता असीमित होती है यानी इसमें यादों और अनुभवों का Unlimited Data स्टोर किया जा सकता है।

नींद दिमाग के लिए बेहद ज़रूरी होती है, अच्छी नींद के दौरान दिमाग अपनी Storage क्षमता को बढ़ाता है। ऐसा माना जाता है कि सिकंदर को अपने सभी सैनिकों के नाम याद थे। उसकी सेना में 3 लाख सिपाही थे। Microsoft के Founder बिल गेट्स के बारे में कहा जाता है कि उन्हें अपने द्वारा डिजाइन किए गए। सभी programming languages के Codes याद हैं।

इंसान का दिमाग दुधारी तलवार की तरह है। जिसका इस्तेमाल अच्छे और बुरे दोनों कामों के लिए किया जा सकता है। दिमाग की सोचने-समझने की क्षमताओं में बदलाव लाकर किसी व्यक्ति की क्षमताएं भी बढ़ाई जा सकती हैं। हमें उम्मीद है कि आपको हमारा ये वैज्ञानिक विश्लेषण पसंद आया होगा और आज का ये DNA और इसमें दी गई जानकारियां आपकी Long Term Memory में हमेशा के लिए स्टोर हो जाएंगी।

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