फॉरेस्ट फायर के दौरान प्रदेश में सेंटर एक्सीलेंस की तर्ज हो काम- मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु

आज मुख्य सचिव डॉ. एस.एस.संधु की अध्यक्षता में उत्तराखण्ड प्रतिकरात्मक वन रोपण निधि प्रबन्धन और योजना प्राधिकरण (उत्तराखण्ड कैम्पा) की संचालन समिति की बैठक आयोजित हुई। जिसमें मुख्य सचिव ने अधिकारियों को फॉरेस्ट फायर पर विशेष ध्यान देते हुए प्रदेश को सेंटर एक्सीलेंस की तर्ज पर कार्य करने के निर्देश दिए।

मंगलवार को उत्तराखंड प्रतिकरात्मक वन रोपण निधि प्रबन्धन और योजना प्राधिकरण की संचालन समिति की बैठक में मुख्य सचिव डॉ0.एस. एस. संधु ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि फॉरेस्ट फायर प्रोटेक्शन कार्यों के लिए वन पंचायतों का सुदृढ़ीकरण किया जाए।

वॉकिंग और साइक्लिंग ट्रेल्स किये जाए विकसित

मुख्य सचिव ने इको टूरिज्म की दिशा में विशेष प्रयास किए जाने की आवश्यकता बताते हुए देहरादून से लगे वनों के आसपास और पर्यटन स्थलों के आसपास वॉकिंग और साइक्लिंग ट्रेल्स विकसित किए जाने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि युवाओं में माउंटेन बाइकिंग का क्रेज भी बढ़ रहा है, इसकी संभावनाओं को तलाशते हुए इस दिशा में कार्य किया जाए, इससे पर्यटकों को प्रदेश में एडवेंचर टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।

कैम्पो कार्यो की मॉनिटरिंग के लिए सिस्टम होंगे विकसित

मुख्य सचिव ने कैम्पा कार्यों की मॉनिटरिंग हेतु सिस्टम विकसित किए जाने के भी निर्देश दिए, साथ ही उन्होंने आगे से संचालन समिति की बैठकों में डिग्रेड हुए वनों की जानकारी भी साझा किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे डिग्रेडेड वनों के वनीकरण हेतु कार्ययोजनाएं तैयार की जा सकेंगी।बैठक में उत्तराखण्ड कैम्पा की वार्षिक कार्ययोजना के अन्तर्गत कैम्पा नियमावली में निहित प्रावधानों के अन्तर्गत वर्ष 2022-23 अनुमन्य गतिविधियों हेतु कुल लगभग ₹41898.12 लाख की कार्ययोजना अनुमोदित की गयी।

इस कार्ययोजना में वृक्षारोपण, वन्यजीव प्रबन्धन, वनाग्नि सुरक्षा कार्य, मृदा एवं जल संरक्षण के साथ ही बुग्यालों आदि के संरक्षण का प्रावधान किया गया। फॉरेस्ट एंड वाइल्ड लाइफ रिसर्च, वन पंचायतों के सुदृढ़ीकरण, वॉकिंग एंड साइक्लिंग ट्रेल्स के विकास हेतु प्राविधान का भी निर्णय लिया गया।इस अवसर पर प्रमुख सचिव वन आर. के. सुधांशु एवं पीसीसीएफ श्री विनोद कुमार सहित वन विभाग के शीर्ष अधिकारी उपस्थित रहे।

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