शहरी विकास मंत्री ने स्मार्ट रोड परियोजना के अंतर्गत आराघर से प्रिंस चौक तक निर्माण कार्य का किया निरीक्षण 

शहरी विकास मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल ने स्मार्ट रोड परियोजना के अंतर्गत आराघर चौक से प्रिंस चौक तक निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। जिसमें लापरवाही मिलने पर कड़ी नाराजगी जताई। वहीं, दून स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत इंटीग्रेटेड ऑफिस काम्प्लेक्स ग्रीन बिल्डिंग के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया, जिसे तय समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

सोमवार को मंत्री डॉ अग्रवाल आराघर चौक पहुंचे, जहाँ उन्होंने यहां स्मार्ट रोड परियोजना के अंतर्गत हरिद्वार रोड (आराघर चौक से प्रिंस चौक तक) का निरीक्षण किया, जिसकी लागत 22.80 करोड़ रुपए तथा लंबाई 1.500 किमी है। इसके अलावा मार्ग की पूर्ण लंबाई में दोनो ओर नाली निर्माण का कार्य 2700 मीटर, विद्युत एवम कम्युनिकेशन की तारो को भूमिगत करने हेतु डक्ट बैंक 3000 मीटर, पुल पिट चैंबर का निर्माण, सीवर लाइन बिछाने का कार्य 80 मीटर, सीवर मेंनहोल, सीवर कनेक्टिंग चैंबर, फुटपाथ कार्य, सड़क निर्माण का कार्य एवम लाइटिंग तथा लैंडस्कैपिंग का कार्य है। 

यह भी पढ़ें –सरकार ने तय किये बीआरपी-सीआरपी भर्ती के मानक, समग्र शिक्षा के तहत आउटसोर्स से भरे जायेंगे 955 पद 

इस दौरान मंत्री डॉ प्रेमचंद्र अग्रवाल ने पाया कि सड़क निर्माण व अन्य कार्यों मैं तेजी से कार्य हुआ है, मगर अधिकांश जगहों पर लापरवाही बरती गई है, जिसके लिए मौके पर मौजूद अधिकारी व ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाते हुए उन्होंने इन्वेस्टर समिति से पहले कार्य को पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित कर कहा कि लापरवाही बरतने पर संबंधित ठेकेदार पर निश्चित रूप से कार्यवाही की जाए।

इसके बाद डॉ प्रेमचंद्र अग्रवाल ने इंटीग्रेटेड ऑफिस काम्प्लेक्स ग्रीन बिल्डिंग का निरीक्षण किया। डॉ अग्रवाल ने पाया कि ग्रीन बिल्डिंग का कार्य अभी शुरू नहीं हो सका है, जबकि इसके निर्माण पूर्ण करने की अवधि 12 दिसंबर 2024 है, डॉ अग्रवाल ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को कार्य को चुनौती के रूप में लेते हुए तय समय के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

यह भी पढ़ें –सीएम धामी पहुंचे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज, स्टॉक एक्सचेंज में संचालित गतिविधियों  किया अवलोकन 

बता दें कि देहरादून स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत ग्रीन बिल्डिंग का निर्माण कार्य करीब 204.46 करोड़ रुपए है। जिसमें जिले के 73 विभागों को शिफ्ट किया जाना है। इसके चलते समय की बचत के साथ शहर में यातायात भी सुरक्षित होगा तथा जाम की समस्या से भी नहीं जूझना पड़ेगा। ग्रीन बिल्डिंग नाम के ही अनुरूप ऊर्जा दक्ष होगी और यहां वर्षा जल संग्रहण सहित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट आदि के इंतजाम भी किए जाएंगे तथा इसका निर्माण भूकंप विरोधी तकनीक द्वारा किया जाएगा। इसमें करीब 1200 वाहनों के लिए पार्किंग बनेगी तथा 1000 व्यक्तियों की क्षमता वाला बहु उपयोगी हाल भी बनेगा।

 

(Visited 238 times, 1 visits today)